Coronavirus in India: स्वास्थ्य मंत्रालय की समीक्षा बैठक खत्म, मांडविया बोले- कोरोना अभी गया नहीं है

स्वास्थ्य मंत्रालय की समीक्षा बैठक खत्म, मांडविया बोले- कोरोना अभी गया नहीं है

रिपोर्टर आशीष सिंह
 ऑनलाइन डेस्क। चीन के अलावा कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों से हाहाकार मचा हुआ है। कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों
 के बाद भारत में भी चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, केंद्र सरकार कोविड की स्थिति को लेकर अलर्ट मोड पर है। भारत में कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य 
मंत्रालय ने बुधवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में दुनियाभर में फैल रहे संक्रमण और उसके परिदृश्य को लेकर चर्चा हुई।कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ- मांडविया
समीक्षा बैठक के बाद मनसुख मांडविया ने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। मांडविया ने ट्वीट कर लिखा कि कुछ देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों 
के मद्देनजर आज विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। मांडविया ने आगे कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। मैंने सभी संबंधितों 
को सतर्क रहने और निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया है। हम किसी भी स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश
इससे पहले, राज्यों को जीनोम सीक्वेंसिंग में जुटने का निर्देश दिया गया है। सभी राज्यों को केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव 
राजेश भूषण ने कहा है कि कोरोना के वैरिएंट पर निगरानी रखने के लिए पाजिटिव सैंपल की पूरी जीनोम सीक्वेंसिंग पर पूरा ध्यान दिया जाए। टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट
-वैक्सीनेशन और कोविड से मुकाबले के लिए उपयुक्त व्यवहार की पांच स्तरीय रणनीति से इस महामारी पर अंकुश लगाने में सफलता मिली है। इसका नतीजा है 
कि कोरोना वायरस के संक्रमण को साप्ताहिक आधार पर 12 हजार मामलों तक सीमित किया जा सका है, लेकिन दुनिया में इसका खतरा पूरी तरह टला नहीं है।विश्व में कोरोना के 35 लाख नए मामले
बता दें कि विश्वभर में एक हफ्ते में कोरोना के 35 लाख नए मामले सामने आए हैं। इस चिट्ठी में मंत्रालय की ओर से जून में जारी की गई निगरानी की 
संशोधित प्रक्रिया के दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक नए वैरिएंट की चुनौती को लेकर जल्दी जांच, आइसोलेशन, टेस्टिंग और संदिग्ध
 तथा पाजिटिव मामलों के सही प्रबंधन पर जोर दिया गया है। राजेश भूषण के मुताबिक मौजूदा वैरिएंट के रुझानों की निगरानी बहुत महत्वपूर्ण है।

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