सर्वोच्च प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा

सर्वोच्च प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा

रिपोर्ट- डा.बीरेन्द्र सरोज आजमगढ

आजमगढ़ 14 मार्च– जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सर्वोच्च प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर अधिक संख्या में आने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी प्रत्येक दिन 10ः00 से 12ः00 तक कार्यालय में बैठकर शिकायतों को सुनकर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत निस्तारण की आख्या गुणवत्तापरक एवं समय से करते हुए पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता ह,ै इसलिए कोई भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं जानी चाहिए।
जिलाधिकारी ने लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि नहरों में टेल तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए नहरों, रजवाहों एवं अल्पिकाओं की सिल्ट सफाई का कार्य समय से सुनिश्चित करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि नहरों में टेल तक पानी आपूर्ति का सत्यापन संबंधित क्षेत्र के प्रधान एवं माननीय जनप्रतिनिधियों से कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि गर्मी के दृष्टिगत जर्जर तारों को बदलने, खराब ट्रांसफार्मर को बदलने एवं आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाने तथा ट्रांसफार्मरों की क्षमता को अपग्रेडेड करने संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि नई सड़कों के लिए तत्काल निविदा कराते हुए तत्काल कार्य को प्रारंभ करा दिया जाए। पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने, निर्माणाधीन गौशालाओं का निर्माण तत्काल पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक प्रत्येक दशा में निर्माण को पूर्ण करते हुए गौशालाओं को बांस एवं बल्ली लगाकर रोड पर घूमने वाले पशुओं को संरक्षित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पशुओं का टीकाकरण, ईयर टैगिंग एवं सहभागिता योजना अंतर्गत लक्ष्य के सापेक्ष पशुओं को संरक्षित कराएं। जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत कैंप लगाकर मरीजों को इलाज कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गंभीर बिमारी से स्वस्थ होने वाले मरीजों का प्रचार प्रसार कराएं, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रभावित होकर आएं।
उन्होंने कहा कि सभी सीएचसी/पीएचसी को और अधिक क्रियाशील कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे हेल्थ वैलनेस सेंटर को पूर्ण कर तत्काल क्रियाशील कराया जाए। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की मानिटरिंग सुनिश्चित करते हुए एंबुलेंस के अंदर आवश्यक उपकरण एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक शौचालय प्रत्येक दशा में सुबह-शाम खुलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों से इसका सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे पंचायत भवनों का तत्काल निर्माण पूर्ण कराते हुए सभी आवश्यक उपकरण एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित कराते हुए आय, जाति, निवास व मृत्यु प्रमाण पत्र आदि जारी किए जाएं।
ऑपरेशन कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित 19 पैरामीटर पर कायाकल्प कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बाउंड्रीवाल, टाइलीकरण एवं पानी, नल आदि को शीर्ष प्राथमिकता से पूर्ण करायें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में निरीक्षण को बढ़ा दिया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, विधवा, वृद्धावस्था के लंबित पेंशन प्रकरणों को तत्काल निस्तारित कराएं। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने गन्ना मूल्य भुगतान, किसान सम्मान निधि, सामाजिक वानिकीकरण, दुग्ध समिति, आईसीडीएस, कौशल विकास, स्वतः रोजगार, उद्योग बंधु, श्रमिक पंजीयन, खादी ग्रामोद्योग, कोआपरेटिव, कन्या सुमंगला योजना, प्रधान आवास शहरी/ग्रामीण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, कृषि, सेतु निगम एवं आरईएस आदि विभागों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री आजाद भगत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 आईएन तिवारी, जिला विकास अधिकारी श्री संजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक श्री मुकेश कुमार, पीडब्ल्यूडी, पीओ डूडा, सिंचाई एवं अन्य सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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