राहुल की सांसदी गई तो वायरल हुआ BJP नेता खुशबू सुंदर का पुराना ट्वीट

मोदी का मतलब बदल दो…’, राहुल की सांसदी गई तो वायरल हुआ BJP नेता खुशबू सुंदर का पुराना ट्वीट

मुंबई पूर्णिमा तिवारी

लोकसभा सांसद के रूप में राहुल गांधी की अयोग्यता के बीच बीजेपी नेता खुशबू सुंदर का 2018 का एक पुराना ट्वीट वायरल हो गया है. ट्वीट में, तत्कालीन कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “हर #मोदी के आगे #भ्रष्टाचार सरनेम लगा हुआ है..तो बात को कोई समझो..#मोदी मतलब #भ्रष्टाचार..आइए #मोदी का अर्थ भ्रष्टाचार में बदलें..
सूट्स बेटर..#नीरव #ललित #नमो = भ्रष्टाचार..”

उनकी टिप्पणी 2019 की राहुल गांधी की उस टिप्पणी की लगभग हूबहू नकल है, जिसके लिए राहुल को दो साल की सजा सुनाई गई है. दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले, राहुल गांधी कर्नाटक में प्रचार कर रहे थे, जब उन्होंने कहा, “मेरा एक सवाल है. सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों होता है, चाहे वह नीरव मोदी हो, ललित मोदी या नरेंद्र मोदी? हमें नहीं पता जानें ऐसे और कितने मोदी निकलेंगे. गुजरात के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय का अपमान किया है.
अब, इसी तरह की टिप्पणी पर राहुल गांधी को अयोग्य घोषित किए जाने के साथ, कांग्रेस समर्थक खुशबू सुंदर के ट्वीट को शेयर कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या पूर्णेश मोदी सुंदर के खिलाफ भी मामला दर्ज कराएंगे. खुशबू सुंदर ने 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 2020 में कांग्रेस से भाजपा में प्रवेश किया था. कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा, ‘क्या आप मोदी नाम के अपने एक शिष्य से खुशबू सुंदर के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा कराएंगे?’
खुशबू सुंदर के ट्वीट को अब तक डिलीट नहीं किया गया है और बीजेपी नेता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. शुक्रवार को राहुल गांधी को लोकसभा से निलंबित किए जाने के बाद सुंदर ने कहा, “उन्होंने कुछ दिन पहले कहा था कि वह दुर्भाग्य से सांसद हैं. उनकी बातें सच हो गई हैं.” उन्होंने राहुल गांधी पर उस अध्यादेश को फाड़ने के लिए भी निशाना साधा, जो उन्हें बचा सकता था और कहा, “मनमोहन सिंह जी 2013 में पारित SC के फैसले पर एक अध्यादेश लाना चाहते थे. राहुल गांधी ने इसे टुकड़ों में फाड़ दिया. विडंबना यह है कि उनकी अयोग्यता उसी फैसले से आती है.”

मानहानि के मामले में अयोग्य घोषित होने के बाद, राहुल गांधी आठ साल (दो साल सजा के साथ और छह साल जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत) चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. कांग्रेस पार्टी ने अयोग्यता पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि यह केंद्र सरकार द्वारा “राजनीतिक प्रतिशोध” का हिस्सा है.

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