महाराष्ट्र: नाबालिग को कई दिनों तक रखा गया बाथरूम में बंद,

महाराष्ट्र: नाबालिग को कई दिनों तक रखा गया बाथरूम में बंद, सिगरेट से जलाए गए निजी पार्ट्स, एक गिरफ्तार

ब्यूरो चीफ पूर्णिमा तिवारी

मुंबई:महाराष्ट्र के नागपुर में एक 12 साल की लड़की के साथ बुरा बर्ताव किया गया और उसे कई दिनों तक बाथरूम में बंद कर रखा गया था। मामले में पुलिस को जानकारी मिलने के बाद लड़की को बचाया गया है और अब उसकी मेडिकल जांच हो रही है।
कथित तौर पर, नाबालिग लड़की को पांच दिनों तक बाथरूम में बंद रखा गया था और उसके निजी अंगों सहित पूरे शरीर पर जलने और चोट के निशान के साथ उसे दयनीय स्थिति में पाया गया था। एनडीटीवी ने पुलिस के हवाले से बताया कि लड़की जिसे कथित तौर पर नागपुर में एक जोड़े द्वारा घरेलू सहायिका के रूप में रखा गया था, उसके कपल द्वारा लगातार उसका शारीरिक शोषण किया गया था।

एनडीटीवी के मुताबिक, लड़की के माता-पिता ने अपने बयान में कहा है कि जोड़ा ने उनसे कहा था कि वह उनकी बेटी को नागपुर लाकर अच्छी शिक्षा और देखभाल करेंगे। दावा यह भी है कि नाबालिग कथित तौर पर चार से पांच दिन बाथरूम में बंद थी जब जोड़ा उसे वहीं छोड़कर बेंगलुरु गए थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काम के दौरान अगर नाबालिग से कुछ गलती हो जाती थी तो वे उसे गर्म तवे और सिगरेट से जलाते थे। ऐसे में कथित तौर पर पीड़िता के निजी अंगों पर चोट के निशान देखे गए है। बचाव अभियान में मदद करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता शीतल पाटिल ने कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच से पता चला है कि उसके निजी अंगों सहित शरीर पर कई चोटें और जलने के निशान थे।

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सबसे पहले लड़की को बाथरूम में बंद पाया था जब वह बाथरूम की खिड़की से झांक रही थी और बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। लड़की ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से भी मदद की गूहार लगाई थी।

एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि नाबालिग बाथरूम की खिड़की से बाहर निकलना चाह रही थी, हमने उसकी मदद की और बाहर निकाल कर खाना खिलाया। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी।

बता दें कि आरोपियों की पहचान ताहा अरमान इस्तियाक खान, उसकी पत्नी हिना और साला अजहर के रूप में हुई है। पुलिस ने ताहा अरमान इस्तियाक खान को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी फरार है, पुलिस उनकी भी तलाश में जुट गई है।

मानव तस्करी, बलात्कार, अप्राकृतिक यौन संबंध, धमकी, हमले के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के कई प्रावधान लागू किए गए हैं।

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