मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) एनआरएलएम एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक

मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) एनआरएलएम एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक

 

रिपोर्ट- डा.बीरेन्द्र सरोज आजमगढ

 

आजमगढ़ / जिलाधिकारी श्री विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में कल देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में ग्राम विकास सेक्टर के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण), एनआरएलएम एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी श्रमिकों का आधार सीडिंग शत प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। रोजगार की मांग करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे प्रधानमंत्री आवास में रोजगार देना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए तथा श्रमिकों के पेंडिंग का भुगतान इसी सप्ताह में किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) को इसी साल के अंत तक पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।

अमृत सरोवर की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जितने अमृत सरोवर की वर्क आईडी जनरेट हो चुकी है, उस पर तत्काल कार्य प्रारंभ करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर की जमीनों से अतिक्रमण हटाकर निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जहां काम प्रारंभ हो गया है, उसका निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इनलेट/आउटलेट के काम को पूरा कर लिया जाए। गोवंश संरक्षण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र व्यक्तियों का चुनाव कर गोवंश सहभागिता योजना से टाइअप कराया जाए। उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन गौ आश्रय स्थल को तत्काल पूर्ण कर गोवंश को संरक्षित करायें। उन्होंने कहा कि ठंड के दृष्टिगत अतिरिक्त शेड डलवाएं, जहां शेड नहीं बना है, वहां पॉलिथीन आदि से कवर्ड करायें। उन्होंने कहा कि टेम्परेरी शेड डालकर भूसा संरक्षित करायें। उन्होंने कहा कि गोवंश को संरक्षित करने के लिए गौ आश्रय स्थल के विस्तारीकरण की क्षमता विकसित करें। उन्होंने कहा कि जो पूर्ण हो चुके हैं, उसका निरीक्षण पशुपालन विभाग से कराया जाए। उन्होंने कहा कि पराली का उपयोग भूसा के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत सचिवों को पराली से भूसा बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला पूर्ति कार्यालय से संपर्क कर गोवंश के लिए बोरे से काउ कोट बनाने की तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि सभी पशु आश्रय स्थल पर भूसा, चारा, चोकर, पानी आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर निराश्रित गोवंश सड़कों पर घूमते नहीं मिलने चाहिए। किसी भी पशुपालक का भुगतान पेंडिंग में ना रहे।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय के अंतर्गत टायलीकरण, शौचालय के कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके विद्यालयों को खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से रिपोर्ट मंगाई जाए। लर्निंग लैब की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समय से कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारी को उचित दर की दुकानों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर चालू कर दिया जाएगा, इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध करायें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना, जिला विकास अधिकारी श्री संजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक श्री अखिलेश तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, कृषि विभाग, पशुपालन, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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