भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला टेक्नीशियन सरस्वतीबाई दादा साहेब फाल्के महिला सशक्तिकरण की आधार स्तंभ: रवीन्द्र अरोरा

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला टेक्नीशियन सरस्वतीबाई दादा साहेब फाल्के महिला सशक्तिकरण की आधार स्तंभ: रवीन्द्र अरोरा

सरस्वतीबाई फाल्के की 133 वीं वर्षगांठ पर हुआ माया नगरी में सम्मान समारोह का आयोजन

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला टेक्नीशियन सरस्वतीबाई फाल्के की 133वीं वर्षगांठ कैफ अवार्ड्स आयोजन समिति के तत्वावधान में ओशिवारा, मुम्बई स्थित व्यंजन हॉल में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में बॉलीवुड के चर्चित निर्माता पहलाज निहलानी, प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के संस्थापक डॉ सैयद खालिद कैस, जानी मानी समाज सेवी डॉ सुंदरी ठाकुर, जानी मानी लेखिका पत्रकार शशि दीप, कैंसर पीड़ितों की माता ईश्वरा लाइफ साइंसेस की ओनर डॉ सुवी मनीष, चर्चित बॉलीवुड फोटोग्राफर राजू असरानी, समाजसेवी अर्चना शर्मा के अलावा देश भर के चुने हुए प्रबुद्धजनों व बॉलीवुड के  नामचीन शख़्सियतों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस समारोह में देश भर के साहित्यकार, लेखक, पत्रकार, फिल्मी हस्तियां, समाज सेवी शरीक हो कर सरस्वती बाई  फाल्के के योगदान को याद कर उन्हें उनकी वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि अर्पित किए। विदित हो कि भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब फाल्के की पत्नी सरस्वती बाई ने अपने पति दादा साहेब फाल्के के निर्देशन में फिल्म डेवलपिंग, मिक्सिंग और फिल्म पर केमिकल कैसे इस्तेमाल करना है, यह सब सीखा और इस तरह से भारत की पहली हिंदी फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ की एडिटिंग सरस्वती बाई फाल्के ने की।
कार्यक्रम के आयोजक फिल्म डायरेक्टर रबीन्द्र अरोरा ने सरस्वती बाई फाल्के को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला टेक्नीशियन सरस्वतीबाई दादा साहेब फाल्के महिला सशक्तिकरण की आधार स्तंभ हैं और रहेंगी। पत्रकार शशि दीप ने इस अवसर पर कहा “सरस्वती फाल्के, सम्पूर्ण विश्व में महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और समाज उनके महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता भारत सरकार को सरस्वती बाई के नाम से राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा करनी चाहिए। सुंदरी ठाकुर ने कहा कि इस विशेष समारोह का सम्पूर्ण श्रेय सिर्फ और सिर्फ रबीन्द्र अरोरा जी को जाता है। इस कार्यक्रम में सरस्वती बाई के परिवार जनों में उनके नाती चंद्र शेखर कुशालकर उनकी पत्नी मृदुला व उनकी पुत्री ने उपस्थित होकर सभी अभ्यागतों का सम्मान किया और रबीन्द्र अरोरा जी का आभार व्यक्त किया। सभी आमंत्रित अतिथियों ने इस अनुकरणीय पहल के लिए सूत्रधार रवीन्द्र अरोरा जी की भूरि भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का सफल संचालन सुंदरी ठाकुर ने किया।

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