बदन पर वर्दी, DIG की गाड़ी, नीली बत्ती वाली कार के साथ पकड़ा गया फर्जी पुलिसवाला

बदन पर वर्दी, DIG की गाड़ी, नीली बत्ती वाली कार के साथ पकड़ा गया फर्जी पुलिसवाला, लोगों को लगाता था चूना

ब्यूरो चीफ पूर्णिमा तिवारी

यूपी के जौनपुर में पुलिस चेकिंग के दौरान डीआईजी की कार के साथ नकली सिपाही को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने का मामला सामने आया है.

खेतासराय पुलिस ने डीआईजी की फर्जी कार के समेत फर्जी पुलिस सिपाही को गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने नकली पुलिसकर्मी के पास से विभागीय पहचान पत्र, स्टांप, मोहर और कई कंपनियों के दस्तावेज, पुलिस की वर्दी को भी बरामद किया है.

नीली लाल बत्ती लगी कार को भी पुलिस ने बरामद करते हुए आरोपी नकली पुलिसकर्मी को जेल भेज दिया.

खेतासराय पुलिस को यह सफलता चेकिंग के दौरान मिली है. जौनपुर में फर्जी पुलिसकर्मी डीआईजी की कार का चालक बताकर इलाके में धौंस जमात था.

खेतासराय पुलिस इलाके के मानिक खुर्द रोड पर पुलिस चेकिंग के दौरान उमेश यादव जो स्थानीय थाना क्षेत्र का मवई का निवासी है, उसे गिरफ्तार कर लिया

. शुरुआती दौर में तो उसने खुद को डीआईजी का कार चालक बताया कि डीआईजी साहब की कार है जो नीली लाल बत्ती लगी हुई है, मैं उसका चालक हूं.

खेतासराय थाना के अध्यक्ष राजेश यादव द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में अपना नाम उमेश यादव बताया जो खेत सलाह थाना क्षेत्र के मवई गांव का निवासी है.

उसने स्वीकार किया कि वह फर्जी पुलिसकर्मी बनकर रात में ट्रकों से वसूली करता था और इलाके में डीआईजी का कर चालक बात कर लोगो पर धौंस जमाता था.

पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी को तुरंत गिरफ्तार किया मौके से लाल-नीली बत्ती लगी कार को बरामद किया. पुलिस की वर्दी में गिरफ्तार शख्स के साथ कंपनियों के फर्जी मोहर व दस्तावेज को भी पुलिस ने बरामद किया.

नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों से पैसे ले जाने का मामला प्रकाश माया है, हालांकि अभी जांच का विषय है. उसके बाद जेल भेजने की विधि कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया.

इस मामले में शाहगंज के सीईओ शुभम तोदी ने बताया कि, अपराध और अपराधियों के खिलाफ एसपी अजय पाल केंद्र देश पर अभियान चलाया जा रहा है,

इसी क्रम में खेतासराय पुलिस को यह बड़ी उपलब्धि है. कड़ाई से चेकिंग के दौरान फर्जी पुलिसकर्मियों का न सिर्फ खुलासा किया है,

बल्कि फर्जी तरीके से कार में लगे नीली लाल बत्ती को जो डीआईजी का अपने आपको चालक बताता था, इसका भंडाफोड़ करते हुए मुकदमा दर्ज कर पुलिस फर्जी पुलिसकर्मी को जेल भेज दिया.

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