तुम्हारे नाम पांच पासपोर्ट.? मुंबई पुलिस बनकर साइबर जालसाजों ने

तुम्हारे नाम पांच पासपोर्ट.? मुंबई पुलिस बनकर साइबर जालसाजों ने बेंगलुरु के टीचर से ठगे 32 लाख,

 

मुंबई ब्यूरो चीफ पूर्णिमा तिवारी

 

बेंगलुरु के एक 50 साल के शिक्षक ने साइबर क्रिमिनल्स के चक्कर में आकर अपने 32 लाख से ज्यादा रुपए गंवा दिए। जालसाजों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए उन्हें जेल भेजने की धमकी दी थी।

उन लोगों ने बुजुर्ग शिक्षक से कहा था कि उनके नाम से पांच पासपोर्ट जारी है और पुलिस इसकी जांच की जा रही है। दस्तावेजों के दुरुपयोग के मामले में कड़ी कार्रवाई की बात से घबराकर शिक्षक साइबर जालसाजों का शिकार बन गए।

 

मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की जांच का हवाला देकर शिक्षक को डराया गया

 

मामले की जांच कर रही बेंगलुरु पुलिस के अधिकारी ने कहा कि बेंगलुरु सिटी के रहने वाले राजेश्वरी राव (बदला हुआ नाम) को 2 अगस्त को FedEx कूरियर कंपनी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले एक व्यक्ति का फोन आया। राव को सूचित किया गया कि उनके पते पर एक पार्सल में उनके मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, पांच पासपोर्ट, पांच क्रेडिट कार्ड और एक लैपटॉप सहित कई संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी थी। उन्हें आगे बताया गया कि मामला मुंबई पुलिस अपराध शाखा (Mumbai Police Crime Branch) के समक्ष उठाया गया था।

 

एंटी-नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बनकर ठगों ने किया वीडियो कॉल

 

इसके तुरंत बाद राव को एक और कॉल आया, जिसमें उन्हें पासपोर्ट की खोज पर चर्चा करने के लिए स्काइप कॉल में शामिल होने का निर्देश दिया गया। वीडियो कॉल के दौरान एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस अपराध शाखा के एंटी-नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बताते हुए राव को कहा कि उनके दस्तावेजों का कुछ लोगों ने दुरुपयोग किया है। फिर उसे कथित तौर पर ‘जांच को सुविधाजनक बनाने के लिए’ अपने बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।

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