डेढ़ लाख का चश्मा, विदेशी कपड़े.. जेल में लग्जरी लाइफ बिताता है मुख्तार!

डेढ़ लाख का चश्मा, विदेशी कपड़े.. जेल में लग्जरी लाइफ बिताता है मुख्तार! फार्मासिस्ट का खुलासा

 

उत्तर प्रदेश के बांदा मंडल जेल में कुख्यात माफिया डॉन मुख्तार अंसारी बंद है. मुख्तार अंसारी की मौजूदगी में जेल में अपना काम करने वाले फार्मासिस्ट दिलीप गुप्ता ने उस दौर के कई खुलासे किए हैं.

 

दिलीप बताते हैं कि जेल में रहने के बावजूद भी मुख्तार अपने ऐशो-आराम के सामान जुगाड़ लेता है. उसके पास महंगे ब्रांड के कपड़े और अन्य चीजें होती हैं. मुख्तार ने उन्हें खुद बताया है कि वह जो चश्मा पहनता है वह डेढ़ लाख से ज्यादा का है.

 

दरअसल सरकारी फार्मासिस्ट दिलीप गुप्ता ने बताया कि मुख्तार अंसारी 7 फीट का जवान है. वह करीब 6 महीने तक वहां पदस्थ रहे हैं इस दौरान वह आए दिन मुख्तार का बीपी चेक करने जाते थे. मुख्तार के साथ अपने अनुभवों को शेयर करते हुए वह बताते हैं कि जब वह मुख्तार के पास जाते थे तो वह खुद ही उन्हें अपने कपड़े और अन्य सामान के बारे में बताता था. दिलीप ने बताया कि एक बार खुद मुख्तार ने उन्हें बताया था कि उसका चश्मा 155000 रुपये का है.

 

इतना ही नहीं मुख्तार जो कपड़े पहनता है वह भी अलग-अलग महंगे ब्रांड के होते थे और वह सभी भारत से बाहर के होते थे. जिनमें कई बड़े ब्रांड्स शामिल हैं. मुख्तार के कपड़े दुबई, फ्रांस, इटली आदि से आते हैं. एक बार का वाकया सुनाते हुए उन्होंने बताया कि मुख्तार को दांत में दिक्कत हुई थी जिसके बाद उसने दांत के डॉक्टर से एक्स-रे लिखवा लिया था. उस वक्त जिला कलेक्टर आनंद सिंह ने उसे मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया था. इस फैसले के बाद जिला कलेक्टर को रातों-रात हटा दिया गया था.

 

दिलीप गुप्ता ने बताया कि उनकी पोस्टिंग मंडल कारागार में लगभग 6 महीने तक रही है. 6 महीने के दौरान वह मुख्तार अंसारी की एक-एक एक्टिविटी से परिचित हो गए थे. उन्होंने कहा कि मुख्तार खुद ही बताता था कि उसकी टीशर्ट-शर्ट आदि का क्या रेट है. उन्होंने बताया कि उस वक्त मुख्तार का जेल के अंदर भी सिक्का चलता था और वह अंदर रहते हुए कई लग्जरी ब्रांड की चीजें पहनता था और खुद ही उनकी कीमतें बताता था.

 

बता दें कि दिलीप ने यह भी बताया कि मुख्तार को बाकियों की तुलना में बहुत ज्यादा सिक्योरिटी में रखा जाता है. मुख्तार ट्रिपल लेयर सिक्योरिती में रह रहा है. 24 घंटे बांदा जेल में चप्पे-चप्पे में लगे कैमरों की मदद से उस पर नजर रखी जाती है. बॉडी कैम के जरिए भी मुख्तार पर नजर रखी जाती है.

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