ग्रामीण चिकित्सक सामाजिक एसोसिएशन द्वारा मनाया गया स्थापना दिवस

ग्रामीण चिकित्सक सामाजिक एसोसिएशन द्वारा मनाया गया स्थापना दिवस

 

रिपोर्ट- डा.बीरेन्द्र सरोज आजमगढ

 

आजमगढ़। ग्रामीण चिकित्सक सामाजिक एसोसिएशन का स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को नगर के नेहरू हाल स्थित सभागार में किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि मानसिक रोग विशेषज्ञ डा नीतीश कुमार यादव, विजय यादव, डा धनजंय कुमार पांडेय, डा अजीत कुमार, डा ए.के. यादव, डा. श्वेता पासी, डा पीके विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।

समारोह को संबोधित करते हुए डा नीतिश कुमार यादव ने कहाकि ग्रामीणांचल में ग्रामीण चिकित्सक की उपयोगिता को नकारी नही जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी दुर्घटना होती है तो उस मरीज को तत्काल में प्राथमिक उपचार की आवश्यकता होती है ऐसे समय में ग्रामीण चिकित्सक के योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। इसके साथ ही कोरोना काल में ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका अहम रही है। ग्रामीण चिकित्सक मरीजों को हर संभव मदद कर चिकित्सकीय सेवाएं दी। कोरोना महामारी व लाकडाउन के दौरान ग्रामीण चिकित्सक अपने जान की परवाह किये बगैर लोगों का उपचार किया। समारोह में हरिहरपुर घराना की शान अजय मिश्र, डा एसके वर्मा, डा जेपी उपाध्याय, डा अमित चड्ढा, डा सुभाष सिंह, डा अनिल यादव, डा श्वेता पासी आदि को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालो लोगों ने एसोसिएशन की पूरजोर मदद करने का आश्वासन दिया।

जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव ने कहाकि ग्रामीणांचल में आज भी चिकित्सकीय सेवा को बढ़ाने की आवश्यकता है। सरकार को चाहिए कि ग्रामीण चिकित्सक सामाजिक एसोसिएशन के उद्देश्य व मांगों पर विचार करते हुए उचित सम्मान दिया जाए। एसोसिएशन की स्थापना ग्रामीण चिकित्सकों के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा।

आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एके जैसवारा ने कहाकि ग्रामीणांचल क्षेत्रों के ग्रामीण चिकित्सक ही मरीज को प्राथमिक उपचार की सुविधा दे सकते है इसलिए पंजीकृत चिकित्सक अनुभव व डिप्लोमा प्राप्त चिकित्सकों को प्राथमिक उपचार करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। नर्सिंग/पैरा मेडिकल डिप्लोमा धारकों विशेष ग्रामीण चिकित्सकों के लिए भर्ती निकाली चाहिए। अनुभवशील ग्रामीण चिकित्सकों को शासन द्वारा कुशल चिकित्सकों सरकार व मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ट्रेनिंग कराकर प्राथमिक उपचार करने की स्वीकृति दी जाय।

प्रदेश सचिव संतोष शर्मा ने कहाकि डिप्लोमा धारक एवं अनुभवशील चिकित्सकों को ग्रामीण चिकित्सक कहलाने का पूरा अधिकार मिले। उन्होंने कहाकि स्वास्थ्य सम्बन्धी रोगों से बचाव के लिए जनजागरूकता में ग्रामीण चिकित्सकों को भी प्राथमिकता दिया जाय। जिससे कि बिमारियों के प्रति ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की अलख जगायी जा सके। अध्यक्षता अनिल सरोज व संचालन दिनेश शर्मा ने किया। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष विजय चौहान, जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल सरोज, जौनपुर जिलाध्यक्ष प्रिंस मिश्र, जिलाध्यक्ष बलिया अनिल शर्मा, राजकुमार, मऊ जिलाध्यक्ष रामजीत सोनकर, आरबी रजंन, शिव कुमार, गोरंगा कुन्डू, उत्तम विश्वास, मनोज यादव, उपानन्द मलिक, प्रमोद विश्वकर्मा, नवीशान अहमद, अनीता यादव, उषा, चन्दू भट्टाचार्य, सुभाष चौहान सहित भारी संख्या में ग्रामीण चिकित्सक मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...