क्या बारिश बचाएगी या लाएगी संकट? मुंबई में क्या हो रहा है? मुंबईकरों पर मंडराया एक अलग संकट 

क्या बारिश बचाएगी या लाएगी संकट? मुंबई में क्या हो रहा है? मुंबईकरों पर मंडराया एक अलग संकट

 

मुंबई आशीष सिंह

 

मुंबई राज्य के साथ-साथ देश में भी मॉनसून (Monsoon) समय पर आ गया है। मौसम विभाग (Meteorological Department) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम मानसूनी हवाओं (southwest monsoon winds) के चलने के लिए वातावरण उपयुक्त है।

 

 

एक छोटे से ब्रेक के बाद, मॉनसून ने एक बार फिर से कदम उठाया है। मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। कुछ जगहों पर तूफानी हवा के साथ भी बारिश होगी।

 

मुंबई में क्या हो रहा है?

ऐसे में मुंबईकरों पर एक अलग ही संकट (Water crisis) मंडरा रहा है। क्योंकि मुंबई को पानी की आपूर्ति (supplies water) करने वाले बांध क्षेत्र में अभी तक बारिश का प्रवेश नहीं हुआ है। चूंकि इन बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में अभी भी संतोषजनक वर्षा नहीं हुई है, इसलिए मुंबईकरों को पानी की गंभीर कमी का (face severe water shortage) सामना करना पड़ सकता है।

 

मुंबई में 5 जून से 10 फीसदी पानी की कटौती लागू कर दी गई है। पानी की कटौती ठाणे, भिवंडी-निदामपुर नगर निगम और मुंबई नगर निगम की सीमा के आसपास के गांवों में भी लागू है। फिलहाल 7 बांधों में पानी के लिए यह 5.32 फीसदी है। गुरुवार सुबह तक इन 7 बांध क्षेत्रों में केवल 162 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

 

किस बांध में कितना पानी जमा है?

गुरुवार सुबह 6 बजे तक के आंकड़े

 

• ऊर्ध्व वैतरणा बांध – 10 मिमी

 

• मोदकसागर – 23 मिमी

 

• तानसा – 38 मिमी

 

• केंद्रीय वितरण – 18 मिमी

 

• भातसा – 10 मिमी

 

• विहार – 15 मिमी

 

• तुलसी – 49 मिमी

 

सभी सात बांधों की मूल जल संग्रहण क्षमता (water storage capacity) 14 लाख 47 हजार 363 है और अब बांधों में केवल 77 हजार 052 मिलियन लीटर पानी बचा है। भले ही मुंबई में बारिश कम होने लगी है, लेकिन बांध क्षेत्र में बारिश ने जोर नहीं पकड़ा है। इसके अलावा बांध में लगातार कम हो रहे पानी के भंडार से मुंबईकरों की चिंता बढ़ गई है। राज्य सरकार की अनुमति के मुताबिक अब भातसा और उरधवा वैतरणा बांध में रिजर्व पानी से मुंबईकरों की प्यास बुझाई जा रही है।

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