कैसे पुणे में जूस बेचने वाला बन गया ‘महादेव ऐप’ का मालिक, जिसके स्‍कैम से ED में फंस सकते हैं बॉलीवुड के बड़े सिता

कैसे पुणे में जूस बेचने वाला बन गया ‘महादेव ऐप’ का मालिक,

जिसके स्‍कैम से ED में फंस सकते हैं बॉलीवुड के बड़े सितारे

मुंबई पूर्णिमा तिवारी

चंद्राकर की शादी में महादेव के प्रमोटरों ने 200 करोड़ रुपए नकद खर्च किए
ED ने ने कोलकाता, भोपाल, मुंबई में तलाशी के बाद 417 करोड़ रुपए जब्त किए
महादेव ऐप का सालाना कारोबार 20 हजार करोड़ से ज्‍यादा का बताया जाता है
ऐप के पैनल ऑपरेटरों की औसत दैनिक कमाई 150-200 करोड़ रुपए
Mahdev App : हाल ही में एक नाम ‘महादेव ऐप’ सामने आया और देखते ही देखते फिल्‍म सितारे रणबीर कपूर समेत कई सितारे ईडी की जांच के घेरे में आ गए। ईडी के पास कई स्‍टार्स और सोशल मीडिया इन्‍फ्लूएंसर्स के नामों की सूची बताई जा रही है, जो आगे चलकर जांच के दायरे में आ सकते हैं।

अब तक ईडी की टीम ने कोलकाता, भोपाल, मुंबई में तलाशी के बाद 417 करोड़ रुपए जब्त किए हैं। इस ऐप को संचालित करने वाले सौरभ चंद्राकर के बारे में कहा जाता है कि वो कभी पुणे में जुस की दुकान चलाया करता था। बाद में उसने अपने दोस्‍त रवि उप्पल के साथ ‘महादेव गेमिंग-बेटिंग’ नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप शुरू किया, जिसे दुबई से संचालित किया जाता है।

किसकी है महादेव कंपनी : बता दें कि छत्‍तीसगढ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर पर अपने एक साथी रवि उप्पल के साथ ‘महादेव गेमिंग-बेटिंग’ नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का दुबई से संचालन करने का आरोप है, जिसका सालाना कारोबार 20 हजार करोड़ से अधिक का बताया जाता है। सौरभ चंद्राकर के बारे में बताया जाता है कि वह छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। 2019 में वो दुबई गया था और ऐप लॉन्‍च किया, जिसके बाद वो सट्टा बाजार का किंग बन गया।

कैसे महादेव ऐप पर चलता है रैकेट?
रिपोर्ट के मुताबिक यूएई में स्थित ऐप प्लेटफ़ॉर्म के कॉल सेंटर्स हैं, जो नीदरलैंड, नेपाल, श्रीलंका और यूएई के माध्यम से संचालित होते हैं। जब ग्राहक इस केंद्र पर कॉल करते हैं, तो उन्हें व्हाट्सएप नंबर पर विवरण भेजने के लिए कहा जाता है। फिर विवरण भारत में पैनल ऑपरेटरों के साथ साझा किया जाता है, जो खासतौर से मुंबई और दिल्ली में काम कर रहे हैं और चंडीगढ़ व छत्तीसगढ़ जैसे कुछ छोटे शहरों में भी काम कर रहे हैं। ऐसे 4,000-5,000 पैनल ऑपरेटर हैं जो यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से ग्राहकों के साथ बैंक लेनदेन शुरू करते हैं। इन ऑपरेटरों के पास फर्जी बैंक खाते हैं, जहां पैसे की हेराफेरी की जाती है। इन पैनल ऑपरेटरों का औसत दैनिक लाभ दैनिक आधार पर 150-200 करोड़ रुपए के बीच है। हर सोमवार को महादेव ऐप से हिसाब-किताब किया जाता है।

क्या है महादेव ऐप का खेल?
इंटरनेट की दुनिया में कई तरह के ऐप सक्रिय हैं। महादेव ऐप भी एक ऐसा ही ऐप है। बता दें कि महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप कई वेबसाइट व एप का एक सिंडिकेट है। बेटिंग ऐप को 70:30 के लाभ अनुपात पर फ्रेंचाइजी देकर चलाया जाता है। इसका हेडक्वार्टर UAE में है। इस एप्लिकेशन के कॉल सेंटर श्रीलंका, नेपाल में भी बताए जा रहे हैं। इस कंपनी पर अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों को नए उपयोगकर्ता दिलाने, बेनामी बैंक खातों व पैसों की हेरा-फेरी करने जैसे आरोप हैं। हाल ही में ED ने सितंबर महीने में महादेव ऑनलाइन लॉटरी एप मामले की जांच करते हुए कोलकाता, भोपाल, मुंबई समेत देश के कई शहरों में छापेमारी कर के 417 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी और कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

क्‍या सट्टेबाजी का खेल होता है ऐप पर : कहा जा रहा है कि महादेव गेमिंग एप केस कथित रूप से अवैध सट्टेबाजी के लिए एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। जानकारी आ रही है कि यह कंपनी कथित तौर से क्रिकेट, टेनिस बैडमिंटन, पोकर और कार्ड गेम समेत कई लाइव गेम्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदान कराती है।

कौन सेलिब्रेटीज कैसे फंसे : मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ED की जांच के घेरे में फिल्‍म स्‍टार रणबीर कपूर के अलावा आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, अली अजगर, विशाल डडलानी, टाइगर श्रॉफ, नेहा कक्कड, एली अव्राम, भारती सिंह, सनी लियोनी, भाग्यश्री, पुलकित, कीर्ति खरबंदा, नुसरत भरूचा और कृष्णा अभिषेक के नाम हैं। कहा जा रहा है कि 100 से ज्यादा सोशल मीडिया इन्फ्ल्यूएंसरों पर भी ईडी की नजर है। इन पर एप को प्रमोट करने और पैसे केश में लेने के आरोप हैं।

200 करोड़ शादी में खर्च किए थे : सौरभ चंद्राकर पर आरोप लगाया गया कि फरवरी 2023 में चंद्राकर ने आरएके, यूएई में शादी की और इस विवाह समारोह के लिए, महादेव एपीपी के प्रमोटरों ने लगभग 200 करोड़ रुपए नकद खर्च किए थे। परिवार के सदस्यों को नागपुर से यूएई तक ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे। इसी फंक्‍शन में कई बॉलीवुड सितारे शामिल हुए थे, जो जांच के घेरे में हैं।

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