एक फूल दो माली के फेर में पूर्णिया के मोहित की हुई हत्या, प्रेमिका के नए प्रेमी ने ली जान

वह सिर्फ मेरी है…! एक फूल दो माली के फेर में पूर्णिया के मोहित की हुई हत्या, प्रेमिका के नए प्रेमी ने ली जान
मुंबई पूर्णिमा तिवारी
प्रेमिका का पूर्व प्रेमी से कभी-कभी बात करना नए प्रेमी को पसंद नहीं था। पुराना प्रेमी इसे हल्के में लेता रहा, जिस कारण उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।
पूर्णिया में गत 14 अप्रैल को सहायक खजांची हाट थाना क्षेत्र के शारदा नगर निवासी सह दवा दुकानदार मोहित कुमार की हत्या का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में पीयूष कुमार और उसके तीन दोस्त कौशल कुमार, अमर और आलोक रंजन को गिरफ्तार किया है।

एक फूल दो माली के फेर में युवती के नये प्रेमी ने तीन दोस्तों के साथ मोहित की नृशंस हत्या की थी। फिर शव को सौरा नदी किनारे फेंक दिया था। पुलिस ने मोहित की पूर्व प्रेमिका के नये प्रेमी सहित उसके तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उक्त लाठी-डंडे भी बरामद कर लिये हैं, जिससे पिटाई के बाद मोहित की गला घोंट हत्या हुई थी।

प्रेमिका के घर आता-जाता था मोहित

मामले को लेकर सदर एसडीपीओ एस के सरोज ने बताया कि मोहित कुमार बेलौरी में दवा दुकान चलाते थे। तकरीबन ढाई साल पूर्व शहर के सहायक थाना क्षेत्र के फ्लोर मिल रोड की एक लड़की से उसका दिल लग गया। दोनों काफी करीब आ गये। लड़की के भाई से मोहित की दोस्ती भी थी। इस कारण पूर्व से घर आना-जाना लगा रहता था।

प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुई पीयूष की एंट्री

इधर, तकरीबन एक साल पूर्व इस प्रेम कहानी नए चेहरे की इंट्री होती है। बस स्टैंड निवासी पीयूष कुमार की भी लड़की के भाई से दोस्ती थी। ऐसे में घर आने-जाने के दौरान उसी लड़की से उसकी भी आंखे चार हो गई। मोहित को जब इसकी भनक लगी तो उसने लड़की से दूरी बना ली। हालांकि, दोनों बीच-बीच में बातचीत करते रहते थे।पीयूष को अपनी प्रेमिका का पूर्व प्रेमी से बातचीत नागवार गुजरा। उसने लड़कीवालों के सामने शादी का प्रस्ताव रखा और तत्काल शादी का दवाब बनाने लगा। प्रेमिका को भी मोहित से बात करने से मना किया।

आलोक और कौशल ने किया लाइनर का काम

इधर, मोहित इसे हल्के में लेता रहा। इससे पीयूष को प्रेम में अपनी हार का भय सताने लगा। इस बौखलाहट में उसने मोहित की हत्या की साजिश शातिराना अंदाज में रच डाली। इसमें पीयूष के दोस्त सह माता चौक निवासी आलोक रंजन व कौशल कुमार ने लाइनर का काम किया, जो मोहित के भी दोस्त बताए जाते हैं। मोहित की हत्या के दिन आलोक उसके दुकान पर भी गया था और उसका अंतिम काल आठ बजकर एक मिनट पर मोहित के मोबाइल पर आया था।

आलोक और कौशल ने पार्टी के नाम पर मोहित को बेलोरी के पास स्थित पनोरमा सिटी के समीप एक खाली मैदान में बुलाया। यहां आलोक और कौशल के बदले पीयूष और अमर मौजूद थे। वहां आते ही दोनों ने मोहित को दबोच लिया और लाठी-डंडे से उसकी पिटाई कर दी। बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। फिर शव को उसी की गाड़ी से सौरा नदी के किनारे ले गए और नदी के किनारे फेंक दिया। पुलिस ने मोहित का शव 16 अप्रैल को बरामद किया था।

आलोक और अमर की पत्नी के फोन से मिला सुराग

इस घटना की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक ने सदर एसडीपीओ की अगुवाई में विशेष टीम का गठन किया था। इसमें मुफस्सिल थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा, मरंगा थानाध्यक्ष पंकज आनंद व तकनीकी शाखा के सिपाही रोहित कुमार, इंद्रजीत कुमार, सुनील कुमार, रंजीत कुमार, सचिन कुमार, नीतीश कुमार, सत्यनारायण राम व पप्पू कुमार शामिल थे। पुलिस ने मोबाइल काल डिटेल के सहारे पूरे मामले का उद्भेदन किया।

इसमें जांच में मोहित के फोन पर अंतिम काल आलोक का पाया गया। इसके अलावा अमर की पत्नी के फोन से पीयूष और कौशल को भी फोन किया, जिसमें अमर के घर नहीं पहुंचने की बात कही थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का उदभेदन कर लिया। पुलिस को वाट्सएप चैट भी हाथ लगे, जिसने इस मामले का खुलासा करने में पुलिस की मदद की।

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