आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के सम्बन्ध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों/प्रतिनिधियों के साथ बैठक

आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के सम्बन्ध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों/प्रतिनिधियों के साथ बैठक

रिपोर्ट- डा. बीरेन्द्र सरोज आजमगढ

आजमगढ़ / जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) श्री विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढ़ंग से सम्पन्न कराने एवं आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने के सम्बन्ध में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के उम्मीदवारों/प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गयी है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दल/उम्मीदवार/उनके प्रतिनिधियों से कहा कि ऐसा कोई कार्य लिखकर, बोलकर अथवा किसी प्रतीक के माध्यम से नहीं करेंगे, जिससे किसी धर्म (मज़हब), सम्प्रदाय, जाति या सामाजिक वर्ग एवं राजनीतिक दल/उम्मीदवार/राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भावना आहत हो, या उससे विभिन्न वर्गों/दलों/व्यक्तियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो। उन्होने कहा कि मत प्राप्त करने के लिए जातीय साम्प्रदायिक और धार्मिक भावना का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा नहीं लिया जाएगा। पूजा स्थलों जैसे मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन में प्रचार हेतु तथा निर्वाचन सम्बन्धी अन्य कार्यों हेतु नहीं किया जाएगा। सभी राजनीतिक दल/उम्मीदवार ऐसे कार्यों से अलग रहेंगे, जो निर्वाचन विधि के अन्तर्गत भ्रष्ट आचरण/अपराध माने गए हैं, जैसेः किसी चुनावी सभा में गडबड़ी करना या करवाना, मतदाता को रिश्वत देकर या डरा धमकाकर या आतंकित करके अपने मितम दतिं करना एवं मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए चुनाव की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का मादक द्रव्य बॉटना।
उन्होने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दल/उम्मीदवार/ इलेक्शन एजेण्ट चुनाव प्रचार के दौरान किसी अन्य राजनीतिक दल/उम्मीदवार या उसके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जलाने अथवा इस प्रकार के अन्य कृत्य व प्रदर्शन नहीं करेंगे, न ही इसका समर्थन करेंगे। निर्धारित व्यय सीमा से अधिक व्यय नहीं करेंगे। उन्होने कहा कि किसी भी शासकीय/सार्वजनिक सम्पत्ति/स्थल/भवन/परिसर में/पर विज्ञापन, वॉल राइटिंग नहीं करेंगे। कटआउट/होर्डिंग/बैनर आदि नहीं लगाएंगे और न ही किसी प्रकार से गन्दा करेंगे। चुनाव प्रचार हेतु वाहनों के प्रयोग के लिए जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करेंगे। चुनाव प्रचार हेतु लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही करेंगे और इनका प्रयोग रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा। स्थायी तौर पर लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बॉक्स नहीं स्थापित किए जाएंगे। टी.वी. चैनल/केबिल नेटवर्क /वीडियो वाहन अथवा रेडियो से किसी भी प्रकार से विज्ञापन/प्रचार जिला प्रशासन की अनुमति के पश्चात ही कर सकेंगे। कोई भी मुद्रक या प्रकाशक या कोई व्यक्ति ऐसी कोई निर्वाचन/प्रचार सामग्री जिसके मुख पृष्ठ पर उसके मूद्रक व प्रकाशक का नाम और पता न हो, मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न ही मुद्रित या प्रकाशित कराएगा। मुद्रण के अन्तर्गत फोटोकॉपी भी सम्मिलित होगी। किसी व्यक्ति द्वारा राजनैतिक दलों/प्रत्याशियों की अनुमति के बिना उनके पक्ष में निर्वाचन विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित नहीं कराई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसका यह कृत्य भा०द०सं० की धारा 171-एच के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दल/उम्मीदवार/इलेक्शन एजेण्ट चुनाव प्रचार के दौरान सभा/रैली/जूलूस का आयोजन जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेकर करेंगे। सभा/रैली/जलूस को इस प्रकार आयोजित करेंगे कि यातायात में बाधा उत्पन्न न हो। जुलूसों और सभाओं या रैलियों में जिला प्रशासन द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत प्रतिबन्धित असलहे/लाठी-डण्डे/ईंट-पत्थर आदि लेकर नहीं चलेंगे। सभा/रैली/जूलूस में लाउडस्पीकर या किसी प्रचार वाहन/वीडियो वाहन का उपयोग जिला प्रशासन की अनुमति लेकर करेंगे। रात के 10ः00 बजे से प्रातः 6ः00 बजे तक लाउडस्पीकर/साउण्ड बॉक्स का प्रयोग नहीं किया जायगा। मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा व चुनाव प्रचार बंद कर दिया जाएगा, इसमे टी०वी०/केविल चैनल/रेडियो/प्रिन्ट मीडिया आदि द्वारा चुनाव प्रचार/विज्ञापन भी सम्मिलित होगा।
उन्होने कहा कि मतदान के दिन सभी राजनीतिक दल /उम्मीदवार/निर्वाचन अभिकर्ता निर्वाचन कार्य में लगे हए अधिकारियों के साथ शान्तिपूर्वक, स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष तथा सुव्यवस्थित ढंग से मतदान सम्पन्न कराने हेतु सहयोग करेंगे। फर्जी मतदान करने अथवा कराने के लिए किसी व्यक्ति को न तो उकसाएंगे, न ही मदद करेंगे। मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने/वापस ले जाने के लिए वाहन नहीं उपलब्ध कराएंगे। वोट डालने के लिए कोई भी मतदाता स्वयं अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लिए अपने निजी वाहन को मतदान केन्द्र के 100 मीटर रेडियस तक ही ले जा सकेंगे। मतदान के दिन मतदान केन्द्र के 100 मीटर के रेडियस के अन्दर चुनाव प्रचार नहीं करेंगे न ही बोट मोंगेंगे। आपराधिक दुराचरण से ई0वी0एम0 को क्षति पहुँचाने या मतपेटियों के मतपत्रों को नष्ट करने या उनमें अनाधिकृत व अवैध मतपत्रों को शामिल करने/कराने का कार्य नहीं करेंगे। मतदाताओं को पहचान पर्चियाँ सादे कागज पर दी जाएंगी और उन पर कोई प्रतीक या उम्मीदवार का नाम नहीं होगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति/प्रेक्षक/निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात कार्यपालक मजिस्ट्रेट/रिटर्निंग अधिकारी/सहायक रिटर्निंग अधिकारी/मतदान कार्मिक/प्रत्याशी/निर्वाचन अभिकर्ता/ मतदान अभिकर्ता/मतदाता के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति राज्य मतदान स्थल के अन्दर प्रवेश नहीं करेगा। मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पहले कोई भी व्यक्ति जो स्थानीय निकाय का निवासी नहीं है, सम्बन्धित स्थानीय निकाय को छोड देगा। इसी प्रकार यदि सम्बन्धित जनपद का निवासी नहीं है तो मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व जनपद को छोड़ देगा। सुरक्षा प्राप्त एवं निर्वाचन क्षेत्र में निवास करने वाला कोई भी व्यक्ति अपना मत प्रयोग करने के पश्चात् निर्वाचन क्षेत्र में भ्रमण नहीं करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सत्ताधारी राजनीतिक दल/उम्मीदवार/निर्वाचन अभिकर्ता चुनाव के दौरान किसी भी सार्वजनिक उपक्रम/शासकीय/अर्द्धशासकीय विभाग के निरीक्षण गृह, डाक बंगला या अन्य किसी विश्रामगृह का प्रयोग चुनाव प्रचार अथवा चुनाव कार्यालय के लिए नहीं करेंगे। निर्वाचन के दौरान सत्ताधारी दल के मंत्री शासकीय दौरों को चुनाव प्रचार कार्य से नहीं जोड़ेंगे और न ही शासकीय तंत्र अथवा कर्मचारियों का उपयोग करेंगे। निर्वाचन अवधि में सरकारी खजाने से किसी अखबार या मीडिया में नगरीय निकायों से सम्बन्धित किसी विभाग/संस्था द्वारा कोई भी विज्ञापन नहीं दिए जाएंगे। निर्वाचन अवधि में नगरीय निकायों से सम्बन्धित शासकीय/अर्द्धशासकीय विभाग/संस्था/सार्वजनिक उपक्रम द्वारा किसी भी नवीन योजना/परियोजना/कार्य/ कार्यक्रम की घोषणा अथवा प्रारम्भ नहीं किया जाएगा। इस सम्बन्ध में कोई भी वित्तीय स्वीकृति अथवा धनराशि अवमुक्त नहीं की जाएगी। चालू परियोजना/कार्यों में जो कार्य चालू हैं और धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है, वे कार्य यथावत् चलते रहेंगे। चालू परियोजना/कार्य में कोई नयी वित्तीय स्वीकृति नहीं दी जाएगी। दैवीय आपदा एवं मानवजनित दुर्घटना में दी जाने वाली सहायता राशि पर यह प्रतिबन्ध लागू नहीं होगा। भारत सरकार या राज्य सरकार के मंत्री किसी मतदान केन्द्र पर मतदाता होने के अतिरिक्त अन्य किसी हैसियत से प्रवेश नहीं करेंगे।
जिलाधिकारी ने सरकारी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन की अधिसूचना निर्गत होने के बाद निर्वाचन से सम्बन्धित अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानान्तरण/नियुक्ति/प्रोन्नति पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। अपरिहार्य परिस्थिति में उक्त स्थानान्तरण/नियुक्ति/प्रोन्नति राज्य निर्वाचन आयोग की पूर्वानुमति के बाद ही की जा सकेगी। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेंगे और अपने दायित्वों का निर्वहन बिना किसी से प्रभावित हुए निष्पक्ष होकर करेंगे। उन्होने कहा कि कानून व्यवस्था या सुरक्षा के लिए तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अधिकारी/कर्मचारी किसी भी सभा या आयोजन में सम्मिलित नहीं होंगे। सुरक्षा में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी के सिवाय अन्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी किसी मंत्री के साथ चुनाव क्षेत्र में उनके साथ नहीं जाएंगे। किसी सार्वजनिक स्थान पर चुनाव सभा के आयोजन हेतु अनुमति देते समय विभिन्न उम्मीदवारों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री अनिल कुमार मिश्र, जिला विकास अधिकारी श्री संजय कुमार सिंह, परियोजना निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी एवं बीजेपी प्रतिनिधि धु्रव सिंह सहित अन्य राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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